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ओम का उच्चारण और जाप करने से आसपास के वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है यह उर्जा आपकी ध्वनि से शुरू होकर आपके आसपास के पूरी जगह पर वितरित होकर सकारात्मकता का विकास करती है यदि सही प्रकार से पूरा ध्यान लगाकर ओम की ध्वनि का जाप किया जाए तो इससे सकारात्मक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है नियमित रूप से ओम का जाप करने से एकाग्रता शक्ति में विकास होता है और ईश्वर के साथ संपर्क स्थापित करके भली-भांति ध्यान लगाकर कई चीजों का उत्तर हमें मिल जाता है
ओम का उच्चारण करने से अत्यंत प्रभावकारी और चमत्कारिक परिणाम प्राप्त होते हैं
किसी भी पूजन के शुरुआत में ओम का उच्चारण किया जाता है वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार ओम से निकलने वाली ध्वनि तरंगों से मन और दिमाग शांत होने की प्रक्रिया के बारे में ज्ञान होता है ओम के उच्चारण से कई प्रकार की बीमारियां ठीक हो जाती है
1- अगर किसी भी प्रकार से नींद आने में परेशानी का सामना करना पड़ता है तो 5 मिनट ओम का उच्चारण करने मात्र से ही आपका मन शांत हो जाता है और बेफिक्र होकर अच्छी नींद ली जा सकती है
2- ओम की शक्ति से मानसिक रोगों तक ही नहीं आंतरिक परेशानियों जैसे की पाचन क्रिया पर भी यह अपना सकारात्मक प्रभाव डालता है और पाचन तंत्र को सुचारू रूप से कार्य करने के लिए शक्ति प्रदान करता है
3- अगर आपका मन किसी भी प्रकार की चिंता को लेकर घबरा जाता है तो ओम का उच्चारण मात्र से ही यह घबराहट दूर चली जाती है किसी भी प्रकार की व्याकुलता आपके मन में नहीं रहती है तो कभी भी अगर आप इस समस्या से जूझ रहे हैं तो 5 मिनट एकाग्रता के साथ अगर आप ओम का उच्चारण करते हैं तो आपका मन धीरे-धीरे शांत होने लग जाता है
4- अगर किसी भी प्रकार के तनाव से आप जूझ रहे हैं तो ओम का उच्चारण मात्र से ही उससे निकलने वाली तरंगें ऐसा प्रभाव डालती है कि तनाव बहुत दूर आपसे चला जाता है और आपको मानसिक शांति प्राप्त होती है
5- रक्त संचार में भी ओम का उच्चारण उसको संतुलन बनाए रखने में सहायता करता है उच्च रक्तचाप जैसी समस्याएं नहीं होती है
6- अगर कोई व्यक्ति थायराइड ग्रंथि की किसी भी प्रकार की समस्या से जूझ रहा है तो ओम का उच्चारण करने मात्र से उसे काफी सुखद परिणाम प्राप्त होते हैं
7- शारीरिक अथवा मानसिक रूप से अगर थकान महसूस करते हैं तो ओम का उच्चारण मात्र से आप को शांति प्रदान होती है यह एक दैवीय दवा का कार्य करता है
8- ओम का उच्चारण मात्र से ही आंतरिक अंगों को स्वच्छता प्रदान करने में सहायता मिलती है यह तंत्रिका तंत्र को भी सुचारू रूप से कार्य करने के लिए सहायता प्रदान करता है
9- अगर कोई व्यक्ति सांस की तकलीफ से परेशान है तो धीरे-धीरे ओम का उच्चारण मात्र से ही इस प्रकार की समस्याओं से उसको निजात मिल जाती है
सारी सृष्टि समाई हुई है ओम से ही त्रिदेव की उत्पत्ति हुई है ओम के शब्द में ही सृजन पालन और संहार सम्मिलित है एक ही शब्द सर्वशक्तिमान में ब्रह्मा, विष्णु और महेश है जीवन जीने की शक्ति संसार की चुनौतियों का सामना करने का साहस प्रदान करता है ओम का उच्चारण मात्र करने से ही समस्त प्रकार की विधियों का नाश हो जाता है
एक ऐसा शब्द है जो हमारी आत्मा को परमात्मा के साथ जोड़ता है और हमारे मित्र के ज्ञान चक्षु को भी खोल देता है वास्तविकता में ॐ 1 शब्द ना होकर 3 शब्दों से मिलकर बना है अ ,ऊ और म ,
ब्रह्मा, विष्णु, महेश इन तीनों का संयुक्त स्वरूप है ओम को ही ईश्वर का स्वरूप माना जाता है ओम का उचित ढंग से उच्चारण करने मात्र से ही ईश्वर तक को प्राप्त किया जा सकता है ओम में संपूर्ण सृष्टि समाहित है जो लोग ध्यान साधना में तल्लीन होते हैं उन्हें यह चमत्कारिक ध्वनि सुनाई पड़ती है
ओम के उच्चारण का यदि आप पूरी तरीके से लाभ प्राप्त करना चाहते हैं तो इसका उच्चारण ब्रह्म मुहूर्त में करना चाहिए
उच्चारण करते समय अपनी रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें जब आप उच्चारण पूरा कर लें तो लगभग 10 मिनट तक जल को स्पर्श ना करें नियमित रूप से उच्चारण करने से दिव्यता का अनुभव होने लगेगा यह हमारे प्रेजेंट पास्ट फ्यूचर को भी कनेक्ट करता है जब सारे ध्वनियों को एक साथ एकत्रित किया जाता है तब ओम का निर्माण होता है इसकी सही तरीके से उच्चारण करने से शारीरिक व मानसिक लाभ मिलते हैं ओम का उच्चारण करने के लिए जमीन पर सुखासन की मुद्रा में बैठकर करना चाहिए उसका सही समय सुबह को होता है आप जब सो कर उठे हैं नहाने के बाद बिना कुछ खाए इसका उच्चारण कर सकते हैं
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