KARTIK MAAS KI KATHA

KARTIK MAAS KI KATHA ADHAYAYA 12

KARTIK MAAS KI KATHA ADHYAYA 12 कार्तिक मास के 12 अध्याय में नारद जी ने भगवान श्री हरि विष्णु की स्तुति महिमा ध्यान किस प्रकार करना चाहिए इसकी व्याख्या की है भगवान विष्णु का वाहन गरुड़ है भगवान विष्णु का मां लक्ष्मी के साथ गरुण पर बैठकर असुर जालंधर के अंत को लेकर के संवाद […]

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KARTIK MAAS KI KATHA ADHYAYA 11

KARTIK MAAS KI KATHA ADHYAYA 11 एक समय की बात है एक बार सागर पुत्र जालंधर अपनी पत्नी वृंदा के साथ असुरों से सम्मानित हुआ सभा में विराजमान था उसी समय गुरु शंकराचार्य वहां पर उपस्थित हुए उनके उपस्थित होने से ही उनके तेज से समस्त दिशाएं प्रकाशित हो उठी गुरु शुक्राचार्य को इस प्रकार

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KARTIK MAAS KI KATHA ADHYAYA 10

KARTIK MAAS KI KATHA ADHYAYA 10 कार्तिक मास के दसवें अध्याय में राजा पृथु श्रेष्ठ नारद जी से पुनः पूछने लगे कि कृपया आप अब यह बताने की कृपा करें कि भगवान शंकर ने अपने मस्तक के तेज को जब शीर सागर में डाला तो उसे समय क्या हुआ इस पर नारद जी ने कहा

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KARTIK MAAS KI KATHA ADHYAYA 9

KARTIK MAAS KI KATHA ADHYAYA 9 राजा पृथु ने नारद जी से कहा कि मैं तुलसी जी के महत्व को समझना सूचना चाहता हूं तुलसी जी कहां और किस प्रकार उत्पन्न हुई यह सब आप मुझे बताएं नारद जी बोले की मैं आपको तुलसी जी की महानता और उनके जन्म का इतिहास बताता हूं एक

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KARTIK MAAS KI KATHA ADHYAYA 8

KARTIK MAAS KI KATHA ADHYAYA 8 कार्तिक मास की कथा – 8   एक समय भगवान श्रीकृष्ण की महिमा सुनने के इच्छुक युधिष्ठिर ने श्रीकृष्ण से प्रश्न किया – “हे माधव! कार्तिक मास का क्या महत्व है? कृपा करके बताइए कि इस मास में किया गया कौन-सा साधन सर्वोत्तम फल देता है।”   भगवान श्रीकृष्ण

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KARTIK MAAS KI KATHA ADHAYA 7

KARTIK MAAS KI KATHA ADHAYA 7  कार्तिक मास की कथा – 7 इतनी कथा सुनने के पश्चात सूत जी ने शौनक ऋषि से कहा कि हे  सूत जी , अब आप कृपा करके मुझे कार्तिक महीने और तुलसी के महिमा  का वर्णन कीजिए, यह सुनकर सूत जी कहने लगे- हे  ऋषि मुनीवर ,जो आपने मुझे

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KARTIK MAAS KI KATHA ADHAYA 6

KARTIK MAAS KI KATHA ADHAYA 6 कार्तिक मास की कथा अध्याय 6   नारद जी कहने वालों की है ब्राह्मण कार्तिक मास के महात्मा का विधि पूर्वक आप वर्णन कीजिएइस पर ब्रह्मा जी ने उनसे कहा कि तुमअत्यधिक सज्जन पुरुष हो जो समस्त लोक के हित के लिए ऐसे प्रश्न करते हो अब मैं तुम्हें

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KARTIK MAAS KI KATHA ADHYAYA 3

Add Your Heading Text Here KARTIK MAAS KI KATHA ADHYAY 3   कार्तिक मास के तीसरे अध्याय में सत्यभामा भगवान श्री कृष्ण से पूछती हैं कि कार्तिक मास ही सब मासों मे उत्तम है ? सब मासों में कार्तिक मास ही आपको अधिक प्रिय क्यों है ? इसका व्याख्या भगवान कृष्ण उन्हें सुनाते हैं।   

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