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KARTIK MAAS KI MAHIMA / कार्तिक मास की महिमा /क्या करे और क्या न करे ?
हिंदू धर्म में कार्तिक मास का अत्यधिक महत्व है यह महीना 18 अक्टूबर शुक्रवार से शुरू हो चुका है कार्तिक मास में भगवान विष्णु की आराधना से सुख संपदा निरंतर बनी रहती है इस मास में दान करना स्नान करना व्रत और पूजा पाठ करने का विशेष महत्व होता है कार्तिक मास शरद पूर्णिमा से शुरू होकर कार्तिक पूर्णिमा देव दीपावली पर खत्म होता है इस दिन स्नान करने से पूर्व जन्मों के पाप समाप्त हो जाते हैं और पूर्ण प्राप्ति होती है KARTIK MAAS KI MAHIMA
KARTIK MAAS KI MAHIMA कार्तिक मास में देवउठनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु जागते हैं इस दिन नियमित तौर पर भगवान विष्णु को पंचामृत से स्नान करना चाहिए उनके मंत्र आदि का उच्चारण करना चाहिए कार्तिक मास में ऐसा अवश्य करने से भगवान प्रसन्न होते हैं कार्तिक मास में सूर्योदय से पहले स्नान करना अत्यधिक शुभ माना जाता है अगर नदी में स्नान आदि करना संभव न हो तो घर पर ही स्नान करके भगवान विष्णु का ध्यान करना चाहिए ,इस दिन शंख बजाना चाहिए,शालिग्राम रूप में भगवान विष्णु की पूजा रोजाना करनी चाहिए KARTIK MAAS KI MAHIMA
कार्तिक मास (माह) हिंदुओं के लिए सबसे पवित्र महीना है, इस महीने की अधिष्ठात्री देवी श्रीमती राधारानी हैं। इस महीने हम जो भी आध्यात्मिक कार्य करते हैं, वह श्रीमती राधारानी को प्रसन्न करने वाली होती है। और राधा प्रसन्न हों तो भगवान श्रीकृष्ण भी प्रसन्न होते हैं। इस वर्ष 2024 कार्तिक मास 18 अक्टूबर से प्रारंभ होकर 15 नवंबर को समाप्त होगा। KARTIK MAAS KI MAHIMA
KARTIK MAAS KI MAHIMA स्कन्द पुराण के अनुसार “जिस प्रकार सतयुग युगों में सबसे अच्छा है, जैसे शास्त्रों में वेद सर्वश्रेष्ठ हैं, जैसे गंगा नदियों में सबसे अच्छी है, वैसे कार्तिक महीनों में सबसे अच्छा महीना माना जाता है, यह महीना भगवान श्री कृष्ण को सबसे प्रिय है”। भगवान श्री कृष्ण कहते हैं, “सभी पौधों में, पवित्र तुलसी मुझे सबसे प्रिय है; सभी महीनों में कार्तिक सबसे प्रिय है, सभी तीर्थों में, मेरी प्रिय द्वारिका सबसे प्रिय है, और सभी दिनों में, एकादशी सबसे प्रिय है। ” इस महीने को दामोदर मास के नाम से भी जाना जाता है।
KARTIK MAAS KI MAHIMA इस पवित्र महीने में क्या करना चाहिए ?
16 माला का जाप करने से भगवान श्री हरि विष्णु अत्यधिक प्रसन्न होते हैं और अपने आशीष अनुकंपा उसे भक्ति पर हमेशा के लिए बनाए रखते हैं इस मास में ही अतिरिक्त पूजा पाठ करके और भगवान का नाम स्मरण करके समस्त पापों से मुक्ति प्राप्त की जा सकती है
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे
हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे
KARTIK MAAS KI MAHIMA कार्तिक मास में दीपक जलने से लाखों जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं यदि किसी को किसी प्रकार के मंत्र ना आते हो पूजा पाठ का भली-भांति विधान ना आता हो लेकिन फिर भी अगर वह व्यक्ति श्रद्धा के साथ भगवान के समक्ष दीपक जलता है और मैन तुलसी की आराधना करता है तो उसके लिए यह अत्यधिक वरदान के रूप में साबित होता है श्रीमद्भागवतम, भगवद गीता या श्रील प्रभुपाद की कोई भी पुस्तक प्रतिदिन पढ़ें।
KARTIK MAAS KI MAHIMA कार्तिक मास के महीने में मंदिर जाने की कोशिश करें और भक्तों के साथ भगवान को दीप चढ़ाने में भाग लें। मंदिर में देवताओं को जप, गायन, नृत्य और दीपक अर्पित करना हमेशा बहुत प्रसन्न होता है और हमारे दिलों में खुशी लाता है।
KARTIK MAAS KI MAHIMA इस महीने में कोशिश करें कि केवल प्रसाद यानी भगवान को अर्पित किया गया भोजन ही खाएं।
अपनी क्षमता के अनुसार गरीबों को दान करें।
कार्तिक मास में कार्तिक माहात्मय व्रत कथा का पाठ जरुर करना चाहिए।
KARTIK MAAS KI MAHIMA कार्तिक मास में स्नान करने से जीवन में सुख-समृद्धि, आरोग्य और मानसिक शांति प्राप्त होती है। शास्त्रों में कहा गया है कार्तिक स्नान से पूर्व जन्मों के पाप समाप्त हो जाते हैं। अनंत पुण्य मिलता है। इस मास में किए गए धार्मिक अनुष्ठान, स्नान, दान और व्रत से व्यक्ति के जीवन में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता है।
KARTIK MAA S KI MAHIMA कार्तिक महीने में नियमित रूप से तुलसी के नीचे घी का दीपक जलाना चाहिए
कार्तिक महीने के दौरान सूर्य उपासना विशेष फलदायी मानी जाती है।
KARTIK MAAS KI MAHIMA इस महीने ब्राह्मण भोजन, गौदान, तुलसी दान, आंवला दान तथा अन्न दान का विशेष महत्व बताया गया है।
कार्तिक मास में रोजाना तुलसी के पौधे में जल चढ़ाने चाहिए. इसके अलावा शाम के समय तुलसी के पास घी का दीपक अवश्य जलाएं. कहा जाता है कि ऐसा करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर में सुख समृद्धि का वास स्थाई रूप से होता है.
KARTIK MAAS KI MAHIMA कार्तिक स्नान सूर्योदय से पहले उठकर पवित्र नदी में करना चाहिए, तभी वह फलदायी माना जाता है। स्नान करते समय गायत्री मंत्र का जप करने से साधक पीपल के समक्ष दीपक जलाने से सभी तरह की परेशानियों से मुक्ति मिलती है। साथ ही घर में सुख शांति बनी रहती है।
कार्तिक महीने में नदी में दीप प्रवाहित करना बेहद शुभ माना जाता है। ऐसा करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है।भाग्य में वृद्धि होती है। कार्तिक स्नान करने वाले साधक को शरीर पर तेल नहीं लगाना चाहिए। स्नान के बाद तुलसी में जल देकर परिक्रमा करें।
कार्तिक स्नान के बारे में कहां गया है। कि जो लोग इस शुभ दिन पर गंगा नदी में पवित्र डुबकी लगाते हैं, उन्हें अपने पिछले बुरे कर्मों से मुक्ति मिल जाति है और उन्हें सभी कष्टों से मुक्ति मिल जाती है।।
KARTIK MAAS KI MAHIMA मंगल देव को प्रसन्न करने के लिए इस कार्तिक महीने में गुड़, मूंगफली, मसूर दाल, लाल मिर्च आदि चीजों का दान करें। इस उपाय को करने से मंगल दोष दूर होता है। कुंडली में शुक्र मजबूत करने के लिए कार्तिक महीने में भगवान विष्णु की पूजा के बाद चावल, दूध, चीनी, आटा और मैदा का दान करें

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