KARTIK MAAS KI KATHA ADHYAYA 20
KARTIK MAAS KI KATHA ADHYAYA 20 कार्तिक मास का 20 वा अध्याय इस प्रकार है ।इस प्रकार से समस्त ब्रह्म आदि देवताओं ने नतमस्तक होकर के भगवान शिव की आराधना और स्तुति करना आरंभ कर दिया । और कहने लगे है देवों के देव ! आप इस प्रकृति से भी परे हैं पार ब्रह्म हैं […]
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