KARTIK MAAS KI KATHA ADHYAYA 2
Add Your Heading Text Here कार्तिक मास की कथा अध्याय 2 भगवान श्रीकृष्ण आगे बोले: हे प्रिये! जब गुणवती को राक्षस द्वारा अपने पति एवं पिता के मारे जाने का समाचार मिला तो वह दुखी होकर के रुदन करने लगी, हे नाथ! हे पिता! मुझको छोड़कर के ऐसे तुम कहां चले गये? मैं अकेली स्त्री […]
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